और कुछ नहीं Aur Kuch Nahi Lyrics - Digvijay Joshi

"Aur Kuch Nahi" New Hindi Song Lyrics. This Song Sung by Digvijay Joshi. Aur Kuch Nahi Song music given by Digvijay Joshi while lyrics penned by Samsher Singh Beniyaaz.


AUR KUCH NAHI SONG LYRICS 


ओ यारा सोचता है क्या
फ़िर टुटा क्या कोई सपना
ओ यारा सोचता है क्या
फ़िर टुटा क्या कोई सपना

ओ यारा कहदे जो दिल में है
जो हुआ सो हुआ हो चूका
ख़्वाबों की सुराही से रंगो की बुँदे चुरा
ख़्वाबों की सुराही से रंगो की बुँदे चुरा
उड़ा दे हवा में फ़िर

छोड़ फ़िक्रों को ग़म के कतरो को
छोड़ फ़िक्रों को ग़म के कतरो को
बस एक पल हे यही और कुछ नहीं
और कुछ नहीं और कुछ नहीं

( संगीत )

ख़्वाबों की ये दुनिया क्या बादल क्या धुआँ
दिखता है आँखों को क्या सच में है हुआ
ख़्वाबों की ये दुनिया क्या बादल क्या धुआँ
दिखता है आँखों को क्या सच में है हुआ

जब टिकना कुछ नही है खाम खा की है उदासी
कितनी भी हो बड़ी पर बात होती है ज़रा सी
ख़्वाबों की सुराही से रंगो की बुँदे चुरा
उड़ा दे हवा में फ़िर

छोड़ फ़िक्रों को ग़म के कतरो को
छोड़ फ़िक्रों को ग़म के कतरो को
बस एक पल हे यही और कुछ नहीं
और कुछ नहीं

( संगीत )

आते है सब यहाँ पे जाने के लिए
दुनिया एक धुन है तेरे गाने के लिए

एक मुखड़ा ले पुराना लिख नया तू अंतरा
गा ले तू ही तू ही सुन ले कौन है दूसरा
बस इतना सा ही जीवन सारा

ख़्वाबों की सुराही से रंगो की बुँदे चुरा
ख़्वाबों की सुराही से रंगो की बुँदे चुरा
उड़ा दे हवा में फ़िर

छोड़ फ़िक्रों को ग़म के कतरो को
छोड़ फ़िक्रों को ग़म के कतरो को
बस एक पल हे यही और कुछ नहीं
और कुछ नहीं और कुछ नहीं

ओ यारा सोचता है क्या
फ़िर टुटा क्या कोई सपना
ओ यारा कहदे जो दिल में है
जो हुआ सो हुआ हो चूका



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